वैश्वीकरण की लहर ने भारतीय फार्मा क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा दिया है। भारत औषधीय उत्पादों के परिमाण एवं मूल्य के विषय में विश्व के प्रमुख 10 देशों में से एक है। उत्साही और उद्यमशीलता के प्रयासों ने गुजरात को फार्मा उद्योग के केंद्र में रुप में परिवर्तित कर दिया है।
भारतीय वैज्ञानिकों के नवीनीकरण और ट्रांसलेशनल दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप औद्योगिक युग से ज्ञान समृद्ध अर्थव्यवस्था में प्रतिमान परिवर्तन आया है। औषधीय शिक्षा, मानव संशाधन विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो जीवन विज्ञान एवं स्वास्थ्य सेवा उद्योग के विकास को बढ़ावा देता है।
औषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के दूरगामी दृष्टि से वर्ष 2007 में छ: नए नाईपर संस्थानों की स्थापना किया गया।
नाईपर अहमदाबाद में शिक्षण की शुरुआत मुख्य तीन विषयों; जैव प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिक्स पाठ्यक्रमों के साथ किया गया एवं समय के साथ वर्ष 2010 में और भी तीन पाठ्यक्रमों; औषधीय विश्लेषण, औषधीय रसायन विज्ञान, फार्माकोलॉजी और टॉक्सीकोलॉजी को शामिल किया गया। तत्पश्चात् वर्ष 2011 में, भारत में चिकित्सा उपकरण उद्योग की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु नाईपर-ए में चिकित्सा उपकरण विषय के रुप में एक और पाठ्यक्रम को शामिल कर संस्थान को गौरवान्वित किया।
नाईपर अहमदाबाद, शिक्षण, अनुसंधान और उद्यमशीलता प्रशिक्षण में उत्कृष्टता का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमुख केंद्र के होने की कामना करता है। नाईपर अहमदाबाद के अंतःविषय पाठ्यक्रम और सांस्कृतिक विविधता ने अपने छात्रों के नवीनीकरण अनुसंधान और सर्वांगीण विकास की भावना को प्रोत्साहित किया है। संस्थान की अवस्थति दवा उद्योग, चिकित्सा केंद्रों और तकनीकी विश्वविद्यालयों के साथ एक सहजीवी संघ सुनिश्चित करता है।
नाईपर अहमदाबाद औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान एवं औषधीय तथा जैव चिकित्सा विज्ञान के ट्रांसलेशन में सुधार हेतु एक अच्छे लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करने की कामना करता है।
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